अरे सिंगार होखता हो सिंगार होखता ,
शिव दूल्हा सरकार के सिंगार होखता,
भोला जी के गण मिली करें तैयार हो
जटा मुकुट सर पे मौरी सवार हो
गोर देंह पर लेपन भभूती छार होखता
शिव दूल्हा सरकार के सिंगार होखता
सर पा के कंगन मुंड माल हार हो
गंगा जी के धार माथे चंद्रमा लीलार हो
इंतजार वर के हिमांचल द्वार होखता
शिव दूल्हा सरकार के सिंगार होखता
कंठ में जहर कांधे सांप के जनेऊ हो
पहिरे बाघम्बर दूल्हा बनले महादेव हो
बर बसहा बैल पा सवार होखता ,
शिव दूल्हा सरकार के सिंगार होखता,
कर में त्रिशूल डमरू बाजे लागल बाजा
गौरी विवाह में चलले भूतवन के राजा
शिकारी पीछे से खूब जय जयकार होखता
गुरुदेव पीछे से खूब जय जयकार होखता
शिव दूल्हा सरकार के सिंगार होखता








